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देखकर हमे,पतलून खुदकी गीली कर जाएंगे...

वो किसी भी जात धर्म के हों उन्हें बस हम खत्म कर जाएंगे, उन  कायर  आतंकवादियों को , हमारे वीर आतंकित कर जाएंगे , ताक में बैठे रहना वीरों, फिर से ये गीदड़ आएंगे, तोड़ देना हर हड्डी इनकी, दर्द से आप ही ये मर जाएंगे,ऐ ऐसा बदला लेना तुम की, फिर ये आंखे ना उठा पाएंगे, चीखेगा वो नापाक देश भी, जब टुकड़े उसके हो जाएंगे, हम तुम्हारे साथ खड़े हैं वीरों, झुकना हम नही अब चाहेंगे, नफ़रतें भारी उन्होंने हम'मे, नफ़रत ही वो भी अब पाएंगे, खून से सनी है मिट्टी हमारी, खून ही खूब अब वो भी पाएंगे, साहस उन्होंने देखा कहाँ है अभी, देखकर हमे,पतलून खुदकी गीली कर जाएंगे... #_Parul 

वेलेंटाइंस डे की कहानी....

★ हम वेलेंटाइंस डे मनातें ही क्यों है, कुछ पता भी है ??? ◆ नही, कोई खास कहानी है क्या इसके पीछे??? ★ हाँ हाँ, 3 कहानियाँ बड़ी प्रचलित है बाबा वेलेंटाइन की, I mean संत वेलेंटाइन की.. ◆ओह, कौनसी 3 कहानियां? ★ ~ पहली के अनुसार तो, रोम के "राजा क्लाउडियस II" ने अपनी सेना में सभी बिन ब्याहे मर्दों को नौरकी दी और माना कि शादीशुदा मर्द देश की रक्षा सही से नही कर सकते, इसलिए उन्होंने सभी जवान मर्दों की शादी पर रोक लगा दी.. ◆ तो फिर, फिर क्या हुआ?? ★होना क्या था, बाबा वेलेंटाइन ने सभी की चुपके से शादी करवाने लगे और जब ये बात राजा को पता चली तो उसने बाबा वेलेंटाइन को मृत्युदंड दे दिया.. ◆ अच्छा और दूसरी कहानी क्या कहती है? ★ ~ दूसरी के अनुसार तो रोमन राजाओं के अत्याचारों से बचने के लिए बाबा वेलेंटाइन सभी क्रिश्चियनस की मदद कर रहे थे और जब उन्हें जेल में डाला गया तो अपनी प्रेमिका को उन्होंने पहले खत लिखा था जो कि शायद जेलर की ही बेटी थी.. ◆तो फिर ? ★ फिर क्या उन्होंने ख़त में पहली बार लिखा था " From your valentine " आज भी लोग ख़तों में यही लिखते हैं... उन...

" आँखों की बातें "

बेटी- माँ मैं जा रही हूँ.. छुट्टी मिली तो जल्दी आउंगी... ( अपनी बेटी की तीखी सी आवाज़ सुन, माँ किचन से निकल दौड़ती आई और बोली...) माँ - हज़ार बार कहा है तुझे, जा रही हूँ नही, आती हूँ बोला कर.. ( इसपर फिर बेटी अपनी तीखी सी आवाज़ में कहती है..) बेटी- अच्छा सॉरी ना माँ.. अगली बार से पक्का यही बोलूँगी.. अब मुझे जाने दो..वर्ना आखरी बस भी निकल जाएगी.. ( तब माँ एक गहरी सांस लिए कहती है ) माँ- अच्छा सुन.....                         ( deep silence { शांति } ) ( कुछ देर के लिए मानो , सबकुछ थम सा गया, सबकुछ शांत, माँ - बेटी ने भी शब्दों से ऊपर हो रही, आँखों की बातों को ज्यादा तवज़्ज़ो दी ..  एक दूसरे के लिए, फिक्र से भरी वो आँखे , बहुत कुछ कह रही थी, मानों दोनों की आँखे एक दूसरे से बातें कर रही हों ) माँ - बेटा , मै वहाँ नही रहूँगी तेरे साथ, खुदका ख्याल रखना, टाइम पर खाना खा लेना.. थोड़ी भी तबियत खराब हो , तो दवाई ले लेना.. मुझे चिंता लगी रहेगी.. बेटी - माँ आप भी अपना ख्याल रखना, अब मै भी यहां नही रहूँगी..आपको और पापा क...

" वहाँ " और " अब "

कभी लिखा होता था खून से इंक़लाब वहाँ, अब खून से सिर्फ कर्ज़ लिखा हुआ रहता है।। कभी हुआ करती थी पसीने की कमाई वहाँ, अब पसीने पर तो आरक्षण भारी पड़ता है।। कभी होती थी एकजुटता की मिसालें वहाँ, अब धर्म पर राजनीति का वर्चस्व चलता है।। कभी देवीयों सी पूजी जाती थी लाड़की वहाँ, अब बिगड़े शहज़ादों का उनपर हक़ जमता है।। कभी दोस्तों और रिश्तों में बहता था प्रेम वहाँ, अब रिश्ता इंसानियत तक का कत्ल करता है।। कभी शौर्य की गाथाएँ सुनाई जाती थी वहाँ, अब साक्षात्कारों में भी बस स्कैम बसता है ।। कभी आध्यात्म पर संगोष्टी हुआ करती थी वहाँ, अब संतों का नही बाबाओं का वक़्त बहता है।। कभी लेखन में आज़ादी का जोश रहता था वहाँ, अब अनपढ़ तक भी यहां लिखने दम भरता है।। #_Parul 

" तुम्हारी कमियों से भी इश्क़ करूँगा "

की उसके शब्द उस दिन थरथरा रहे थे, वो कुछ कहना चाहती थी, मगर कहने से झिझक रही थी|| शायद वो डर रही थी, इतना कि उसकी जुबाँ उसका साथ नही निभा रही थी और देखते ही देखते वो अपना होश खो बैठी, जैसे ही वो बेहोश होकर ज़मीं पर गिरी, लोगो ने दस बातें बनाना शुरू कर दिया, आखिर एक दुल्हन मंडप में बेहोश कैसे हो सकती है?? कहीं लड़की में कुछ खामी तो नही?? लड़की का चाल चलन तो ठीक हैं ना?? लोगों की बातें सुन दूल्हे ने सभी को चुप कराया, और दुल्हन को उठाकर अंदर ले गया||जैसे ही चेहरे पर पानी की छींटे पड़े तो कविता को होंश आया, उसकी आँखों के सामने उसका होने वाला पति परेश खड़ा था, परेश ने सवाल किया ~ " तुम ठीक तो हो?? क्या हो गया है तुम्हे?? कुछ बात है, परेशानी है तो मुझे बताओ ?? " सहमी सी कविता ने जवाब दिया ~ " मुझमे कुछ कमियाँ हैं, जो आपको बताई नही गई हैं , मुझे एक बीमारी है, जिसमें में रोज़ होने वाली कई चीज़ें भूल जाती हूँ, कभी कभी तो इंसानो को भी, अभी मुझे सब याद है पर हो सकता है की कल सुबह मुझे कुछ याद ना रहे|| आप मुझसे शादी मत कीजिये वर्ना आपको मेरी इस बीमारी को झेलना पड़ेगा||  " कव...